
मकतूबात-ए-इमाम-ए-रब्बानी आज भी क्यों हैं महत्वपूर्ण
हज़रत मुजद्दिद-ए-अल्फ़-ए-सानी इमाम-ए-रब्बानी शैख़ अहमद सरहिंदी रहमतुल्लाह अलैह की इल्मी और रूहानी विरासत आज भी इस्लामी अध्ययन का महत्वपूर्ण विषय मानी जाती है। उनके 414वें उर्स के अवसर पर उनके प्रसिद्ध संग्रह मकतूबात-ए-इमाम-ए-रब्बानी की प्रासंगिकता पर विशेष चर्चा हो रही है। मकतूबात में धार्मिक शिक्षा, आत्म-सुधार, शरीअत की पाबंदी, सुन्नत













