कुशीनगर : 08 दिसम्बर 2025 मंडलायुक्त सभागार, गोरखपुर में आयोजित कुशीनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (कसाडा) की 20वीं बोर्ड बैठक में जनपद के सर्वांगीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी।
बैठक का आरम्भ पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि से हुआ, जिसके उपरांत विभिन्न विभागीय अनुपालनों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में प्रमुख रूप से कसया–देवरिया मार्ग/रामाभार मोड़ पर पूर्व स्वीकृत प्रवेश द्वार को चौड़ीकरण कार्य के अनुरूप नए डिज़ाइन में निर्मित करने तथा उसके लिए डीपीआर तैयार कराने का निर्णय लिया गया।
इसके साथ ही कसाडा क्षेत्र में एक हेक्टेयर से अधिक भूमि का लैंड बैंक तैयार करने और महायोजना–2021 में शामिल ग्रामों के सजरा मानचित्र को सुपरइम्पोज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर सहमति जताई गई।
अमृत 2.0 योजना के तहत कसाडा की नई महायोजना तैयार करने के लिए मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक, लखनऊ को नामित किया गया है।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने स्पष्ट किया कि महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की भूमि का उपयोग परिवर्तन तभी संभव होगा, जब संबंधित भूमि का हस्तांतरण विश्वविद्यालय को किया जाएगा।
नए प्रस्तावों में यूपी विकास प्राधिकरण भवन निर्माण एवं विकास उपविधियां तथा आदर्श ज़ोनिंग रेगुलेशन–2025 के अंगीकरण की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी प्राप्त हुई।
साथ ही संबंधित पूर्व शासनादेशों को भी अपनाने पर सहमति बनी। पर्यटन विभाग को मैत्रेय परियोजना के तहत प्राप्त 50 एकड़ भूमि के भू-उपयोग को “सार्वजनिक सुविधाएं” वर्ग में लाने हेतु प्रक्रिया तेज करने का निर्णय लिया गया।

बोर्ड ने लैंड पूलिंग नीति के अंतर्गत सुनियोजित शहरी विकास के लिए सार्वजनिक सूचना जारी करने और संपूर्ण परियोजना का कैलकुलेशन व मानचित्र सहित प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कसाडा द्वारा बुद्धा आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव को “विकसित उत्तर प्रदेश एवं वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी” के लक्ष्य के अनुरूप महत्व देते हुए मंजूरी दी गई। इस केंद्र का उद्देश्य बौद्ध संस्कृति से जुड़े स्थानीय शिल्प और कलाकृतियों को एक वैश्विक मंच प्रदान करना है।
इसी कड़ी में बढ़ते बौद्ध पर्यटकों की सुविधा के लिए एक लिंग्विस्टिक स्कूल स्थापित करने के प्रस्ताव को भी सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई।
इसके अलावा लैंड पूलिंग/पीपीपी मॉडल पर आधारित रिसोर्ट सिटी विकसित करने की योजना को भी हरी झंडी मिली, जिससे कुशीनगर को एक प्रमुख डेस्टिनेशन हब के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।
एयरपोर्ट के आसपास वेंडिंग ज़ोन, किऑस्क और पर्यटन गतिविधि क्षेत्रों के विकास पर भी सहमति बनी। अंत में आर्किटेक्ट व विधिक सलाहकार के इम्पैनलमेंट तथा विभागीय कार्यों के सुचारू संचालन हेतु एक वाहन आउटसोर्सिंग के माध्यम से उपलब्ध कराने को बोर्ड ने मंजूरी दी। यह बैठक कुशीनगर के भविष्य के व्यापक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
Author: theswordofindia
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