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देश की एकता हेतु जमीयत उलमा का प्रयास, मुहम्मदुल्लाह सिद्दीक़ी पुनः अध्यक्ष, नजमुल हसन मीडिया प्रभारी

कारी मुहम्मदुल्लाह सिद्दीक़ी को पांचवी बार ज़िला अध्यक्ष चुने जाने पर सम्मानित करते हुए

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बाराबंकी, 17 सितम्बर 2025 (प्रेस विज्ञप्ति):
जमीयत उलमा का कहना है कि भारत का इतिहास उलमा-ए-कराम के उल्लेख के बिना अधूरा है। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर सामाजिक सेवा तक हर क्षेत्र में उलमा का योगदान उल्लेखनीय रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए बाराबंकी स्थित जामिया दारुररशाद बंकी में जमीयत उलमा ज़िला बाराबंकी का नया चुनावी अधिवेशन आयोजित किया गया। इस अवसर पर नाज़रे-इंतिख़ाब और जमीयत उलमा वसत-ए-मशरिक़ी उत्तर प्रदेश के नाज़िम तनज़ीम क़ारी अब्दुल मुईद चौधरी ने समाज में उलमा की ऐतिहासिक भूमिका पर प्रकाश डाला।

 

जमीयत उलमा बाराबंकी
जमीयत उलमा बाराबंकी के चुनावी अधिवेशन में उपस्थित उलमा-ए-कराम

नई पीढ़ी के ईमान की हिफ़ाज़त जमीयत उलमा की प्राथमिकता

क़ारी अब्दुल मुईद चौधरी ने कहा कि आज के दौर में नई पीढ़ी के ईमान की हिफ़ाज़त सबसे अहम कार्य है। उन्होंने बताया कि जमीयत उलमा-ए-हिंद के क़ौमी सदर मौलाना सैयद महमूद असअद मदनी का मिशन है कि घर-घर दीन की शिक्षा पहुँचाने के लिए मकातिब का जाल बिछाया जाए और युवाओं को जुए, सट्टेबाज़ी, शराबखोरी और नशे की बुरी लतों से बचाया जाए।

अधिवेशन का आरंभ और धार्मिक कार्यक्रम

मौलाना सैयद अब्दुल हमीद क़ासमी की अध्यक्षता में अधिवेशन की शुरुआत क़ारी मुहम्मद शीस की कुरआन पाठ और अबू हुरैरा की नात-ए-पाक से हुई। हाफ़िज़ मुहम्मद आरिफ़ और हाफ़िज़ नियाज़ुद्दीन ने तराना-ए-जमीयत पेश किया। इस दौरान जमीयत उलमा इस्लाह-ए-मुआशरा कमेटी के कन्वीनर मौलाना सैयद मुहम्मद अज़हर क़ासमी ने बताया कि जमीयत उलमा-ए-हिंद पिछले एक सदी से मज़हब-मिल्लत से ऊपर उठकर इंसानियत की सेवा कर रही है और देश के बँटवारे का विरोध भी इसी उद्देश्य से किया गया था।

जमीयत उलमा बाराबंकी के चुनावी अधिवेशन में उपस्थित उलमा-ए-कराम
जमीयत उलमा बाराबंकी के चुनावी अधिवेशन में उपस्थित उलमा-ए-कराम

नई कार्यकारिणी का गठन

चुनावी प्रक्रिया के अंतर्गत हकीम क़ारी मुहम्मदुल्लाह सिद्दीक़ी को लगातार पांचवी बार ज़िला अध्यक्ष चुना गया।

  • उपाध्यक्ष-अव्वल: मौलाना सैयद अब्दुल हमीद क़ासमी

  • उपाध्यक्ष-दोम: मौलाना मुहम्मद फ़ैयाज़ क़ासमी (हैदरगढ़)

  • महासचिव: मौलाना मुहम्मद जमाल क़ासमी

  • सचिव-अव्वल: मौलाना सैयद मुहम्मद अज़हर क़ासमी

  • सचिव-दोम: हाफ़िज़ अहमदुल्लाह सिद्दीक़ी

  • सहायक सेक्रेटरी: मौलाना अब्दुल रफ़ी क़ासमी

  • ख़ाज़िन: मौलाना ज़ैद नदवी

  • क़ानूनी मुशीर: एडवोकेट अहमद सईद फ़तेहपुरी

  • मीडिया प्रभारी: नजमुल हसन अंसारी ज़ैदपुरी

जमीयत उलमा बाराबंकी के चुनावी अधिवेशन में उपस्थित उलमा-ए-कराम
जमीयत उलमा-ए-हिंद भारत का एक इस्लामी संगठन

जमीयत उलमा का मिशन और सामाजिक भूमिका

महासचिव मौलाना मुहम्मद जमाल क़ासमी ने बताया कि जमीयत उलमा अपने कार्यकर्ताओं को गाँव-गाँव और मोहल्लों की सतह तक तैयार कर रही है, ताकि फ़लाही और दीनी कार्यों को और सशक्त बनाया जा सके। अधिवेशन में बड़ी संख्या में सम्मानित गणमान्य व्यक्तियों ने भी उपस्थिति दर्ज की। अंत में मौलाना सैयद अब्दुल हमीद क़ासमी की दुआ के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

Mohd Asif
Author: Mohd Asif

Mohd Asif is a Social-political and tech journalist, Urdu poet, and digital strategist with 10+ years of experience. He writes for Business Universe PR on AI, startups, and innovation in business. He’s also a published author and helps brands grow online. Areas of Expertise: Artificial Intelligence & Automation Startup Ecosystem & Innovation Digital Marketing & Lead Generation SOE Technology’s Social Impact "I write to decode technology, inform business, and empower ideas." 🔗 Connect on LinkedIn Areas of Expertise: Artificial Intelligence & Automation Startup Ecosystem & Innovation Digital Marketing & Lead Generation SOE Technology’s Social Impact I write to decode technology, inform business, and empower ideas.

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