मुंबई : शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक बार फिर महानगरपालिका चुनाव बैलट पेपर से कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है
कि चुनाव की पारदर्शिता और मतदाताओं का भरोसा बनाए रखने के लिए बैलेट पेपर पर होने वाला मतदान ही सबसे सुरक्षित और विश्वसनीय तरीका है। ठाकरे ने सवाल किया कि जब सभी विपक्षी पार्टियां ईवीएम का लगातार विरोध कर रही हैं
तो फिर सरकार को बैलट पेपर से चुनाव कराने में क्या परेशानी है? उद्धव ठाकरे के इस बयान का एनसीपी-शरदचंद्र पवार गुट के राष्ट्रीय नेता और एनसीपी-एसपी (अल्पसंख्यक विभाग) के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व विधान परिषद सदस्य सिराज मेंहदी ने समर्थन किया है।
मेंहदी ने अपने नेता शरद पवार साहब से फोन करके उनसे अनुरोध किया है कि वो सभी सेकुलर दलों को एक मंच पर लाकर इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाने के लिए बातचीत शुरू करें। मेंहदी का कहना है
कि “अगर आगामी महानगरपालिका और जिला परिषद चुनाव ईवीएम से कराने की कोशिश की गई, तो सभी सेकुलर पार्टियों को एकजुट होकर इन चुनावों का बहिष्कार करना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि शरद पवार साहेब देश के सबसे अनुभवी और सर्वमान्य नेता हैं, इसलिए वर्तमान हालात में उन्हें पहल करनी चाहिए, ताकि बैलट पेपर पर लौटने के रास्ते पर सहमति बन सके और लोकतंत्र पर जनता का भरोसा कायम रखा जा सके।

इस बीच बिहार विधानसभा चुनाव के ताज़ा नतीजों ने विपक्षी दलों की चिंता और बढ़ा दी है। जो दल पहले से ईवीएम पर सवाल उठा रहे थे, वे अब दोबारा बैलट पेपर की मांग पर साथ आते दिख रहे हैं।
महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव नज़दीक हैं, और ऐसे में ईवीएम बनाम बैलट पेपर की बहस एक बार फिर से गर्म हो गई है।
Author: theswordofindia
Latest News Uttar Pradesh और News Portal Lucknow पर पढ़ें ताज़ा खबरें। उत्तर प्रदेश समाचार पोर्टल और हिंदी न्यूज़ पोर्टल 'The Sword of India News' से जुड़ी राजनीति, व्यापार, अपराध और चुनाव की हर अपडेट सबसे पहले पाएँ।




