मुंबई : धारावी में चल रहे पुनर्विकास परियोजना को लेकर स्थानीय संगठनों और नागरिकों का असंतोष लगातार उभर कर सामने आ रहा है।
इसी क्रम में धारावी बचाव आंदोलन, युवासेना और स्थानीय शिवसेना पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक युवासेना प्रमुख एवं विधायक आदित्य ठाकरे की मौजूदगी में आयोजित हुई।
बैठक में सांसद अनिल देसाई और विधायक महेश सावंत भी शामिल हुए। सभी नेताओं ने आरोप लगाया कि धारावी पुनर्विकास परियोजना (DRP) के दौरान अदानी समूह व उसकी सुपरवाइजरी कंपनी NMDPL पर ‘मनमाने तौर-तरीकों’ और ‘सरकारी तंत्र के दुरुपयोग’ के आरोप लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा कि कई इलाकों में सर्वे प्रक्रिया को लेकर स्थानीय लोगों में भारी असंतोष है। धारावी बचाव आंदोलन के नेता कामरेड नसीरुल हक ने दावा किया कि NMDPL के कुछ कर्मचारी और कथित बाउंसर बिना अनुमति घरों में घुसकर दस्तावेज देने का दबाव बना रहे हैं।
हाल ही में कमला नगर–जैस्मीन मिल रोड पर एक वरिष्ठ नागरिक के साथ मारपीट की शिकायत शाहूनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई है।
नसीरुल हक के अनुसार, मेघवाड़ी के लगभग 450 रहवासियों में से केवल 60 को ही पात्र घोषित किया गया, जबकि अधिकांश को अपात्र ठहराने से लोगों में रोष है।
पात्र घोषित लोगों को कथित रूप से 3 महीने का किराया लेकर घर खाली करने के नोटिस दिए गए, जिन्हें स्थानीय लोग “तानाशाही निर्णय” बता रहे हैं।
यही स्थिति पटेल नगर, आज़ाद नगर और तिलक नगर में भी बताई जा रही है, जहां लगभग 85% निवासियों को पात्रता सूची से बाहर कर दिया गया है।
धारावी कोलीवाड़ा, जो करीब 300 साल पुराना कोली गांव है, को पुनर्विकास परियोजना से बाहर रखने की पुरानी मांग भी बैठक में उठी। स्थानीय समाज का आरोप है
कि एकतरफा निर्णय लेकर जमीन परियोजना में जोड़ दी गई और सर्वे शुरू कर दिया गया, जबकि समुदाय इसका विरोध कर रहा है। कुम्हारवाड़ा के कारीगरों ने भी यह चिंता जताई कि उनकी पारंपरिक भट्टी और कारोबार वाली भूमि को परियोजना में शामिल कर उन्हें मुलुंड स्थानांतरित करने का प्रस्ताव दिया जा रहा है,

जिसे समुदाय ने अस्वीकार कर दिया है। आदित्य ठाकरे ने बैठक में कहा कि धारावी परियोजना को जिस तरह निजी कंपनी को सौंपा गया, वह “पारदर्शिता से परे और मैच-फिक्सिंग जैसा” था।
उनका आरोप है कि बड़ी संख्या में लोगों को अपात्र कर धारावी के बाहर अलग-अलग इलाकों में बसाने की योजना बनाई जा रही है। ठाकरे ने यह भी कहा कि धारावी परियोजना के नाम पर मुंबई की कई कीमती जमीनें अधिग्रहित कर निजी कंपनी को हस्तांतरित की गईं।
नेताओं का कहना है कि यदि सभी निवासियों को धारावी में ही 500 वर्ग फीट का घर और व्यवसायों को पुनर्वास में उचित स्थान नहीं दिया गया, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
आंदोलन की घोषणा: उपरोक्त मुद्दों को लेकर 7 दिसंबर 2025 को शाम 6 बजे, 90 फीट रोड, कामराज स्कूल के पास “धारावी बचाव आंदोलन” की विशाल आम सभा आयोजित की जाएगी।
इसमें आदित्य ठाकरे, एनसीपी मुंबई अध्यक्ष राखी जाधव, सपा नेता अबु आसिम आजमी सहित कई दलों के नेता शामिल होंगे।
Author: theswordofindia
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