मुंबई : भाजपा महायुति सरकार ने विकास के नाम पर मुंबई को गैस चेंबर बना दिया है। प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है, छोटे बच्चे बीमार पड़ रहे हैं और बुज़ुर्गों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया है।
यह अगर सार्वजनिक स्वास्थ्य की आपात स्थिति नहीं है, तो फिर क्या है? यह तीखा सवाल उठाते हुए मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षाताई एकनाथ गायकवाड़ ने कहा कि जो भी नियमों का उल्लंघन करे, वह कितना ही बड़ा क्यों न हो, उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए और उसे दंडित किया जाए।
प्रदूषण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर मुंबई कांग्रेस की ओर से राजीव गांधी भवन में पत्रकार सम्मेलन आयोजित किया गया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सचिव सचिन सावंत, पूर्व विधायक मधु अण्णा चव्हाण, प्रवक्ता सुरेशचंद्र राजहंस, पूर्व नगरसेवक मोहसिन हैदर, अखिलेश यादव, हरगून सिंह, विक्रम सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
इस मौके पर सांसद वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि मुंबई में प्रदूषण का स्तर अत्यंत खतरनाक स्थिति तक पहुँच चुका है। हार्वर्ड विश्वविद्यालय के एक अध्ययन के अनुसार हर वर्ष लगभग 5,100 मुंबईकरों की मौत प्रदूषण के कारण होती है।
इतने परिवार अपने प्रियजनों को खो रहे हैं, फिर भी भाजपा–महालुती सरकार केवल ठेकेदारों को प्राथमिकता दे रही है और मुंबईकरों के स्वास्थ्य की अनदेखी कर रही है क्या यही विकास का मॉडल है?
उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण जीवन और जनस्वास्थ्य से जुड़ा हुआ ज्वलंत मुद्दा है। मुंबई में AQI 150–200 तक पहुँच चुका है, जो अत्यंत अस्वस्थ करने वाला स्तर है।
देवनार और वडाला क्षेत्रों में तो यह 300–500 तक दर्ज किया गया है, जो सीधे–सीधे अत्यंत खतरनाक श्रेणी में आता है। मुंबईकर जो हवा में साँस ले रहे हैं, वह स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है।
स्थिति यह है कि वायु प्रदूषण के मामले में मुंबई, दिल्ली से भी आगे निकल सकती है। दमा, श्वसन रोग और हृदय–रोगों के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है और हर सांस मुंबईकरों के लिए जोखिम बन गया है।
उन्होंने बताया कि मुंबई की स्वच्छ हवा के लिए कांग्रेस ‘मुंबई क्लीन एयर ऐक्शन प्लान’ लेकर आने वाली है। प्रदूषणमुक्त मुंबई के लिए कांग्रेस का विस्तृत घोषणा–पत्र जारी किया जाएगा।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सचिव सचिन सावंत ने कहा कि महायुती सरकार प्रदूषण नियंत्रण पर कोई कार्यवाही नहीं कर रही, इसलिए मुंबई हाई कोर्ट ने भी सरकार को फटकार लगाई यह सरकार की नाकामी का स्पष्ट प्रमाण है।
सरकार बड़े बिल्डरों और उद्योगपतियों पर मेहरबान है। मुंबई में वायु प्रदूषण पर BMC की कोई ठोस नीति ही नहीं है। पेड़ों की खुलेआम कटाई हो रही है, सुरक्षा उपायों के बिना अनियंत्रित निर्माण कार्य जारी हैं, पर्यावरणीय नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं
और पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील भूमि भी पसंदीदा बिल्डरों को सौंप दी गई है—यह सरासर मनमानी और बेलगाम प्रशासन का उदाहरण है। इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कांग्रेस के सभी पदाधिकारी मास्क लगाए हुए उपस्थित थे।
Author: theswordofindia
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