कुशीनगर पडरौना : कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत जंगल अमवा निवासी कुचीया देवी, जो नट समुदाय से संबंध रखती हैं और भीख मांगकर अपने परिवार का पालन–पोषण करती हैं,
अपने सात वर्षीय बेटी छाया अचानक गायब होने से सदमे में आ गईं। जानकारी के अनुसार 10 नवम्बर को कुचीया देवी पडरौना क्षेत्र में भीख मांगने गई थीं।
उसी दौरान उनकी छोटी बच्ची लापता हो गई। बच्ची का न आधार कार्ड था, न ही कोई फोटो, जिसके कारण तलाश और भी मुश्किल हो गई। काफी खोजबीन के बाद हार मानकर परिजन घर लौट आए।
अगले दिन सौभाग्य से बच्ची रामकोला थाना क्षेत्र में मिली, जहां से चाइल्ड हेल्प लाइन 1090की मदद से उसे जिला वन स्टाप सेंटर पहुंचाया गया।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ध्रुपचंद त्रिपाठी ने बच्ची के परिवार को खोजने के लिए निरंतर प्रयास किए। स्थानीय अखबारों में विज्ञप्ति दी गई, समाचार प्रकाशित करवाए गए, लेकिन परिवार से संपर्क नहीं हो सका।
इसी बीच जिले के वरिष्ठ पत्रकार अंकित कुमार और बबलू कुशवाहा ने प्रोबेशन अधिकारी को बच्ची का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालने की सलाह दी।
वीडियो वायरल होते ही अमवा जंगल खीरखिया निवासी आफताब का फोन आया, जिसने बच्ची की पहचान की और बताया कि वह उनके गांव की है।

यह सूचना मिलते ही जिला प्रोबेशन विभाग ने परिजनों से संपर्क कर उन्हें अवगत कराया कि बच्ची सुरक्षित है। यह खबर मिलते ही परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
प्रोबेशन अधिकारी ने विभागीय वाहन भेजकर परिवार को बुलाया और विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्ची को सीडीओ के माध्यम से परिजनों को सौंप दिया। मिली बच्ची जो अक्सर कम ही बोलती हैं,
इस मौके पर सीडीओ बच्ची को प्यार से दुलारते हुए ढेर सारी चॉकलेट दीं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर उन्होंने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन इस परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगा। बच्ची के सुरक्षित लौट आने से पूरे क्षेत्र में राहत और खुशी का माहौल है।
Author: theswordofindia
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