कुशीनगर : 18 दिसंबर को अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने जिलाधिकारी कुशीनगर के माध्यम से महामहिम राज्यपाल एवं उत्तर प्रदेश सरकार को एक मांगपत्र/ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
ज्ञापन में कहा गया कि अल्पसंख्यक समुदाय को वर्तमान समय में सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्तर पर कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा और समान अवसर सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें इस प्रकार रहीं—
- निर्दोष अल्पसंख्यक युवाओं व नेताओं को जेलों से रिहा किया जाए।
- शिक्षा और रोजगार के अवसरों में बिना भेदभाव समान अवसर दिया जाए।
- समाज में बढ़ रहे अल्पसंख्यक विरोधी भेदभाव और सामाजिक बहिष्कार पर रोक लगे।
- अल्पसंख्यक समुदाय की आर्थिक स्थिति सुधारने हेतु ठोस कदम उठाए जाएं।
- अल्पसंख्यकों के संवैधानिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक अधिकारों की रक्षा की जाए।
- अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में शिक्षा व अवसंरचना की सुविधाएं बढ़ाई जाएं।
- जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव अल्पसंख्यकों को दिया जाए।
- अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों पर हो रहे अवैध हस्तक्षेप पर रोक लगे।
- अल्पसंख्यक महिलाओं के साथ हो रहे उत्पीड़न पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
- जिला अस्पतालों में दलालों की मनमानी व गरीब मरीजों के शोषण पर अंकुश लगे।

ज्ञापन सौंपने वालों ने मांग की कि इन सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार कर उचित कार्रवाई की जाए और इसे राज्यपाल व शासन स्तर तक प्रेषित किया जाए।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक सद्भाव और समानता की अपील की।
इस दौरान परवेज आलम, सरताज आलम, ईश्वर प्रियदर्शी, प्रियेश गोंड,रहमत खान, साबिर अली, केडी अंसारी, राजू खान, सगीर, फ़त्तेआलम, जावेद, सुधीर सहित सैकड़ों नौजवान मौजूद रहे।
Author: theswordofindia
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