सीतापुर : विकास खंड कसमंडा की ग्राम पंचायत कल्याणपुर में महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना की जमीनी हकीकत और पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के बीच बड़ा अंतर सामने आया है।
मनरेगा पोर्टल पर पंचायत में चंडी तालाब खुदाई और चमरिया तालाब खुदाई—दो कार्य संचालित दर्शाए जा रहे हैं, जिन पर कुल 14 मास्टर रोल जारी किए गए हैं
और लगभग 120 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज दिखाई जा रही है। इसके विपरीत, ग्रामीणों के अनुसार दोनों कार्य स्थलों पर महज एक दर्जन के आसपास मजदूर ही कार्य करते नजर आ रहे हैं।
इसके बावजूद पोर्टल पर कई गुना अधिक श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज होना फर्जी हाजिरी और संभावित फर्जीवाड़े की ओर इशारा करता है। मनरेगा जैसी पारदर्शिता आधारित योजना में इस तरह का अंतर योजना की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
सवाल यह भी है कि जब मौके पर मजदूर सीमित हैं तो शेष श्रमिकों की हाजिरी किस आधार पर लगाई जा रही है। ग्रामीणों में चर्चा है कि कागजों और पोर्टल के सहारे भुगतान कराने की तैयारी की जा रही है।
मामले ने ग्राम पंचायत स्तर पर रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक और अन्य जिम्मेदारों की भूमिका को संदिग्ध बना दिया है। आवश्यकता है

कि संबंधित विभाग द्वारा भौतिक सत्यापन कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि मनरेगा योजना की विश्वसनीयता बनी रह सके। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले में तत्काल जांच कर कार्रवाई करते हैं या नहीं।
Author: theswordofindia
Latest News Uttar Pradesh और News Portal Lucknow पर पढ़ें ताज़ा खबरें। उत्तर प्रदेश समाचार पोर्टल और हिंदी न्यूज़ पोर्टल 'The Sword of India News' से जुड़ी राजनीति, व्यापार, अपराध और चुनाव की हर अपडेट सबसे पहले पाएँ।




