नई दिल्ली : Sufi Islamic Board और Al Baqi Organization के संयुक्त तत्वावधान में ऐवान-ए-ग़ालिब ऑडिटोरियम में “इनहिदामे जन्नत-उल-बक़ी सम्मेलन” का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम जन्नत-उल-बक़ी के विनाश के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित हुआ, जिसमें देश-विदेश से आए विद्वानों, सामाजिक नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
सम्मेलन का उद्देश्य ऐतिहासिक इस्लामिक विरासत के संरक्षण और जन्नत-उल-बक़ी में स्थित दरगाहों के पुनर्निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित करना था।
पिछले कई वर्षों से यह संगठन इस विषय पर लगातार जागरूकता अभियान और सम्मेलन आयोजित कर रहा है, जिससे इस मुद्दे पर चर्चा को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिल रही है।
कार्यक्रम में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक वक्ताओं ने भाग लेकर शांति, एकता और संवाद की आवश्यकता पर बल दिया। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आयोजकों का मानना है

कि भारत जैसे विविधता वाले देश में ऐसे प्रयास अंतरधार्मिक समझ और वैश्विक सहयोग को मजबूत कर सकते हैं। सम्मेलन में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद का हिस्सा बनाया जाए, जिससे समाधान की दिशा में सकारात्मक प्रगति हो सके।
Author: theswordofindia
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