मुंबई : Dharavi पुनर्विकास परियोजना के तहत शुरू किए गए “धारावी एक्सपीरियंस सेंटर” को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता संजय रमेश भालेराव ने स्थानीय नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
उनका कहना है कि आकर्षक मॉडल, नमूना घर और आधुनिक सुविधाओं की प्रस्तुति देखकर लोग अपने घर तथा पुनर्वसन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय जल्दबाजी में न लें।
भालेराव ने कहा कि धारावी में मॉडल घर दिखाने का प्रयास पहले भी हो चुका है। उनके अनुसार, पूर्व में भी पुनर्वसन आवास का नमूना प्रस्तुत कर लोगों में उम्मीदें जगाई गई थीं,
लेकिन वास्तविक पुनर्विकास प्रक्रिया लंबे समय तक पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि एक्सपीरियंस सेंटर में दिखाया गया मॉडल और जमीन पर मिलने वाला वास्तविक घर अलग हो सकता है।
इसलिए नागरिकों को आधिकारिक मास्टर प्लान, पात्रता मानदंड, पुनर्वसन स्थान और सुविधाओं से संबंधित लिखित प्रावधानों की जानकारी हासिल करनी चाहिए।
भालेराव ने दुकानदारों, छोटे कारोबारियों और उद्योगों के पुनर्वसन को लेकर भी स्पष्ट नीति सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन धारावीवासियों के अधिकारों की कीमत पर नहीं।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मकान खाली करने या दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से पहले सभी शर्तों और कानूनी अधिकारों की पूरी जानकारी लें। उनका कहना है कि “चमकदार मॉडल से ज्यादा जरूरी लिखित अधिकार और पारदर्शी योजना है।”
Author: theswordofindia
Latest News Uttar Pradesh और News Portal Lucknow पर पढ़ें ताज़ा खबरें। उत्तर प्रदेश समाचार पोर्टल और हिंदी न्यूज़ पोर्टल 'The Sword of India News' से जुड़ी राजनीति, व्यापार, अपराध और चुनाव की हर अपडेट सबसे पहले पाएँ।




