Search
Close this search box.

Nana Patekar की पुरानी ‘प्रतिघात’ बताती है क्यों वह महान अभिनेता थे

Nana Patekar

Share this post

नाना पाटेकर का नाम हिंदी सिनेमा के उन कलाकारों में लिया जाता है, जिन्होंने अपने अभिनय से किरदारों को अलग पहचान दी।

उनके निधन के बाद उनकी फिल्मों को दोबारा देखने की दिलचस्पी बढ़ी है। ऐसी ही फिल्मों में 1987 की ‘प्रतिघात’ भी शामिल है, जिसमें नाना का रोल भले ही सीमित था, लेकिन उनका प्रभाव काफी गहरा दिखाई देता है।

फिल्म में सुजाता मेहता मुख्य भूमिका में थीं और कहानी सामाजिक संघर्ष, राजनीति तथा अपराध के इर्द–गिर्द आगे बढ़ती है। इसी कथानक में नाना पाटेकर ने पूर्व पुलिसकर्मी करमवीर की भूमिका निभाई थी।

यह किरदार कहानी का सबसे बड़ा चेहरा नहीं था, बावजूद इसके नाना ने अपनी स्क्रीन मौजूदगी से इसे यादगार बना दिया।

Nana Patekar

उनकी अभिनय शैली की खासियत यही रही कि वह किरदार को केवल निभाते नहीं थे, बल्कि उसके स्वभाव और भावनाओं को अपने अंदाज में जीवंत कर देते थे।

बाद में ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों ने उनकी बहुमुखी प्रतिभा को और मजबूत किया। ‘प्रतिघात’ को दोबारा देखने पर समझ आता है

कि नाना पाटेकर को बड़े रोल की जरूरत नहीं थी। वह छोटे किरदार में भी अपनी अलग छाप छोड़ने की क्षमता रखते थे।

theswordofindia
Author: theswordofindia

Latest News Uttar Pradesh और News Portal Lucknow पर पढ़ें ताज़ा खबरें। उत्तर प्रदेश समाचार पोर्टल और हिंदी न्यूज़ पोर्टल 'The Sword of India News' से जुड़ी राजनीति, व्यापार, अपराध और चुनाव की हर अपडेट सबसे पहले पाएँ।

ख़ास ख़बरें

ताजातरीन

[the_ad id="4088"]