कसया/कुशीनगर : जहां एक ओर कांग्रेस को कमजोर मानकर कई पुराने नेता दल छोड़ चुके हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ चेहरे ऐसे भी हैं जो निष्ठा और विचारधारा से कभी डिगे नहीं।
उन्हीं में से एक हैं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. राजमंगल पांडेय की धर्मपत्नी रमा पांडेय, जिनका कांग्रेस के प्रति समर्पण अद्वितीय है। रमा पांडेय कहती हैं, “कांग्रेस मेरी आत्मा में बसती है। मैंने हमेशा पार्टी को परिवार से बढ़कर माना है।
चुनाव टिकट तीन बार कटने के बावजूद मैंने कभी शिकायत नहीं की, क्योंकि मेरा विश्वास विचारधारा में है, न कि पद में।” उन्होंने बताया कि वर्ष 1993 में उन्हें कसया विधानसभा से टिकट मिला था,
लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। इसके अगले वर्ष तत्कालीन प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिंह राव ने उन्हें राज्यसभा भेजने का प्रस्ताव दिया, लेकिन रमा पांडेय ने संगठनात्मक भूमिका निभाने को प्राथमिकता दी।
रमा पांडेय का कहना है कि राहुल गांधी जिस तरह से जनता के मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं, उससे भाजपा की चिंता बढ़ी है। उन्हें पूरा विश्वास है

कि आने वाला समय कांग्रेस का होगा। उन्होंने बताया कि 1995 में वे सोनिया गांधी के कार्यालय से जुड़ीं और लंबे समय तक उनके निकट संपर्क में रहीं। सोनिया गांधी के व्यक्तित्व को उन्होंने “संवेदनशील, संघर्षशील और समर्पित” बताया और कहा कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस को एक बार फिर मजबूती मिलेगी।
Author: theswordofindia
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