इमामुद्दीन
ज़ैदपुर बाराबंकी : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में स्थित जैदपुर कस्बे का थाना चौराहा इन दिनों स्थानीय लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है।
कोतवाली के ठीक सामने मोड़ पर पुलिस द्वारा पकड़ी गई गाड़ियां सड़क किनारे लाइन से खड़ी कर दी गई हैं, जिससे राहगीरों और खासकर स्कूली बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करना पड़ता है।
कस्बा निवासियों का कहना है कि पुलिस आए दिन वाहन चेकिंग अभियान चलाती है और इसे यातायात नियमों का पालन कराने व लोगों की सुरक्षा के लिए बताया जाता है। लेकिन हैरानी की बात यह है
कि यही पुलिस पकड़ी हुई गाड़ियों को रोड से सटाकर खड़ा कर देती है। जबकि चौराहे पर तीखा मोड़ होने के कारण बाराबंकी और सफदरगंज की ओर से आने वाले वाहन चालक एक-दूसरे को देख नहीं पाते, और अचानक सामने आने से अक्सर दुर्घटनाएं हो जाती हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इन खड़ी गाड़ियों और मोड़ पर लगे कोतवाली ज़ैदपुर बोर्ड के कारण दृश्यता बेहद कम हो जाती है, जिससे पैदल चलने वाले और स्कूली बच्चे सबसे ज्यादा खतरे में रहते हैं। “पुलिस सुरक्षा का दावा तो करती है,
लेकिन खुद ही खतरा पैदा कर रही है,” एक स्थानीय निवासी ने गुस्से से कहा। अफसोस की बात यह है कि इस समस्या को समझने के बावजूद जैदपुर पुलिस इन गाड़ियों को हटाने का नाम नहीं ले रही।
इलाके में ट्रैफिक हादसों का खतरा बढ़ा ऐसी अवैध या अनियंत्रित पार्किंग की समस्या केवल जैदपुर चौराहे तक ही सीमित नहीं है। आसपास की जगहों में भी सड़क किनारे खड़े वाहनों से जाम और हादसे आम हो गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस थाने के सामने जब्त वाहनों की ऐसी पार्किंग न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह दुर्घटनाओं को न्योता भी देती है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस से अपील है

कि जब्त वाहनों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था की जाए, और साथ ही मोड़ से कोतवाली ज़ैदपुर का बोर्ड भी स्थानांत्रित किया जाए, ताकि आम जनता को इस खतरे से मुक्ति मिल सके। अब क्या जैदपुर पुलिस इस मुद्दे पर जल्द कार्रवाई करेगी? यह देखने वाली बात होगी।
Author: theswordofindia
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