रांची : झारखंड के बेरो प्रखंड स्थित कोटपाली गांव की बेला उरांव ने मेहनत, प्रशिक्षण और आत्मविश्वास के बल पर अपनी जिंदगी बदलने के साथ दूसरी ग्रामीण महिलाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर तैयार किए हैं।
पलाश उत्तम एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट से जुड़ने के बाद उनकी मासिक आय 2,000 रुपये से बढ़कर 8,000 रुपये हो गई है।
बेला ने स्वयं सहायता समूह की सदस्य के रूप में अपनी यात्रा शुरू की थी। आगे चलकर वह ग्राम संगठन की अध्यक्ष बनीं और महिलाओं को बचत, ऋण सुविधाओं तथा सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद जरीया क्लस्टर लेवल फेडरेशन के अंतर्गत संचालित प्रसंस्करण इकाई में उन्होंने मार्केटिंग इंचार्ज की जिम्मेदारी संभाली।
शुरुआत में ग्राहकों से बातचीत करने और उत्पादों की बिक्री में उन्हें कठिनाई होती थी। हालांकि, मार्केटिंग, प्रबंधन और संवाद कौशल के प्रशिक्षण ने उनकी झिझक दूर की और आत्मविश्वास बढ़ाया।
आज बेला मुर्टो क्लस्टर लेवल फेडरेशन के तहत 22 गांवों की 22 उत्तम दीदियों को मार्गदर्शन दे रही हैं। वह महिलाओं को उत्पादों के प्रचार, ग्राहक संपर्क और बिक्री के तरीके सिखाती हैं।
जरूरत पड़ने पर वह नई महिलाओं को प्रशिक्षित कर काम की निरंतरता भी सुनिश्चित करती हैं। उनके प्रयासों से कई महिलाएं प्रतिमाह 1,500 से 2,000 रुपये तक अतिरिक्त आय कमा रही हैं।
बेला की यह पहल ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक मजबूती, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को नई दिशा दे रही है।
Author: theswordofindia
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