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भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों को सुरक्षित रखना ही महापरिनिर्वाण दिवस का संकल्प!

भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों को सुरक्षित रखना ही महापरिनिर्वाण दिवस का संकल्प!

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मुंबई : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मुंबई के सह्याद्री अतिथिगृह में भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में की जाने वाली तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के मुंबई प्रदेश सचिव संजय रमेश भालेराव ने बैठक में मुद्दा उठाया कि शिवाजी पार्क स्थित संत ज्ञानेश्वर उद्यान, बाजीप्रभु देशपांडे उद्यान, नाना-नानी पार्क, बाल उद्यान—इन सभी मैदानों को महापरिनिर्वाण दिवस के दौरान प्रशासन लॉक कर देता है।

उन्होंने मांग की कि ये सभी उद्यान और पार्क आम नागरिकों के लिए खुले रहने चाहिए। महापरिनिर्वाण दिवस पर धारावी टी-जंक्शन, धारावी पुलिस स्टेशन क्षेत्र, सायन रूपम टॉकीज सर्कल और सायन पुलिस स्टेशन क्षेत्र में उपनगरों तथा गांवों से बड़ी संख्या में रिक्षाएं श्रद्धांजलि देने के लिए मुंबई आती हैं,

लेकिन पुलिस अधिकारी अक्सर उन्हें प्रवेश नहीं देते, जिससे विवाद की स्थिति बनती है। इसलिए इन रिक्षाओं को खड़ा करने के लिए एक सुरक्षित खुला मैदान उपलब्ध कराने का सुझाव भी भालेराव ने दिया।

सायन अस्पताल के गेट नंबर 7 के सामने बीते कई वर्षों से डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर महापरिनिर्वाण दिन समन्वय समिति के उपाध्यक्ष महेंद्र साळवी द्वारा बाबासाहेब की प्रतिमा लगाने की मांग की जा रही है।

उस चौक का नाम ‘परमपूज्य डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक’ है, लेकिन वहां पहले स्थापित की गई प्रतिमा अब नहीं है। इसलिए बांद्रा जिलाधिकारी कार्यालय के सामने जिस प्रकार बाबासाहेब की प्रतिमा स्थापित है,

उसी तर्ज पर सायन अस्पताल के गेट नंबर 7 पर भी प्रतिमा स्थापित की जाए—इस संबंध में प्रशासन से विनम्र अनुरोध किया गया है। महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर चैत्यभूमि में देशभर से लाखों अनुयायी भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को श्रद्धांजलि देने के लिए आते हैं।

भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों को सुरक्षित रखना ही महापरिनिर्वाण दिवस का संकल्प!

ऐसे में चैत्यभूमि परिसर और पूरे मुंबई में अनुयायियों की सुरक्षा और सुविधाओं का ध्यान रखते हुए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए—मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि चैत्यभूमि परिसर में उचित मंडप व्यवस्था, पेयजल सुविधा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं। दादर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात पुलिस को प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन करना चाहिए।

अनुयायियों को मार्गदर्शन मिले, इसके लिए जगह-जगह दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाएं। नागरिकों की यात्रा सुगम बनाने के लिए बेस्ट की ओर से अतिरिक्त बस सेवाएँ भी उपलब्ध रखी जाएं।

बैठक में आने वाले अनुयायियों की व्यवस्था, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ, भोजन व्यवस्था, वॉटरप्रूफ मंडप, स्वच्छतागृह, पुष्पवर्षा, सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

चैत्यभूमि पर स्थापित किए जाने वाले भारत रत्न डॉ. बाबासाheb आंबेडकर की प्रतिमा को लेकर विभिन्न सुझाव प्राप्त हुए हैं, और इस विषय पर एक समन्वय समिति बनाई जाएगी—यह जानकारी भी मुख्यमंत्री फडणवीस ने दी।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने समाज को ज्ञान दिया और जागरूक किया। उस जागरूकता को और मजबूत करने तथा उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प हमें महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर लेना चाहिए।

बैठक के दौरान महापरिनिर्वाण दिवस की पृष्ठभूमि पर तैयार किए गए पोस्टर का अनावरण एवं जानकारी पुस्तिका का प्रकाशन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों किया गया। इस अवसर पर राज्यमंत्री माधुरी मिसाळ तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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Author: theswordofindia

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