ठाणे : शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद राजन विचारे ने ठाणे महानगर पालिका की वोटर लिस्ट को लेकर गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि “वोटर लिस्ट में हज़ारों संदिग्ध प्रविष्टियां हैं, जिससे साफ लगता है कि इलेक्शन कमीशन सरकार की कठपुतली की तरह काम कर रहा है।
विचारे ने बताया कि वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट 20 नवंबर को प्रकाशित हुआ था और आपत्तियों व सुझावों की अंतिम तिथि 27 नवंबर थी। लेकिन उम्मीदवारों को समय पर लिस्ट न मिलने के कारण इलेक्शन कमीशन को यह तारीख बढ़ाकर 3 दिसंबर करनी पड़ी।
उन्होंने आरोप लगाया कि मनपा की ओर से लिस्टें बंडल में उपलब्ध कराई गईं, जिन्हें अलग करने और डेटा व्यवस्थित करने में 2–3 दिन लग गए। इसी दौरान कई गड़बड़ियां सामने आईं।
इसके बाद ठाकरे गुट⁷ के एक प्रतिनिधिमंडल ने ठाणे महानगर पालिका सौरभ राव से मुलाकात कर अनियमितताओं के सबूत सौंपे।
विचारे का आरोप — “प्रभाग में गए बिना एसी ऑफिस में बैठकर बनाई गई लिस्ट” विचारे ने कहा कि सॉफ्टवेयर के ज़रिए जांच करने पर गंभीर गलतियां सामने आईं, जो संकेत देती हैं
कि रूलिंग पार्टी की मर्ज़ी से नाम जोड़े गए। उन्होंने दावा किया कि अधिकारी प्रभाग में फील्ड वेरिफिकेशन किए बिना कार्यालय में बैठकर लिस्ट तैयार कर रहे हैं।
1) 3,485 संदिग्ध लिस्टें:
पूरे महानगर पालिका क्षेत्र में नाम या सरनेम आधारित कुल 3,485 लिस्टें एपीआईसी नंबर के साथ संदिग्ध पाई गईं।
2) नाम गायब, लेकिन एपीआईसी मौजूद — 1,575 वोटर:
दावा किया गया कि 1,575 ऐसे वोटर हैं जिनके नाम लिस्ट में नहीं हैं, लेकिन उनके पास वैध एपीआईसी कार्ड मौजूद है।
3) 10,653 डुप्लीकेट वोटर छिपाए गए:
33 प्रभागों में डुप्लीकेट वोटरों के 10,653 उदाहरण मिले, लेकिन इन्हें लिस्ट में अलग नहीं दिखाया गया।
4) 6,649 समान नाम वाले वोटर दो प्रभागों में:
दो प्रभागों में एक ही नाम वाले 6,649 वोटरों की समान प्रविष्टियाँ दिखाई गईं।
5) एक ही एपीआईसी नंबर दो प्रभाग में:
दो अलग-अलग प्रभाग और विधानसभा क्षेत्रों में एक ही वोटर आईडी वाले दो अलग-अलग वोटर मिले। पिछली विधानसभा में ऐसे 8,609 मामले पाए गए थे, और आशंका है कि इन्हें फिर से जोड़ा गया है।
6) एक प्रभाग में 1,081 वोटर — 676 की पहचान पक्की, 21 मृत:
एक लिस्ट की जांच के बाद पता चला कि 1,081 वोटरों में से 676 की पहचान संभव है, 21 की मौत हो चुकी है और कई की पहचान नहीं हो पा रही है।
7) 100 साल से अधिक उम्र के 562 वोटर:

लिस्ट में 562 ऐसे वोटर मिले जिनकी उम्र 100 वर्ष से अधिक दिख रही है। कई की वास्तविक उम्र इससे काफी कम बताई जाती है, लेकिन रिकॉर्ड में 104 वर्ष तक दर्ज है।
राजन विचारे ने कहा कि इन अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए, ताकि चुनाव निष्पक्ष हो सके। उन्होंने फाइनल वोटर लिस्ट जारी करने से पहले सभी प्रविष्टियों की फील्ड वेरिफिकेशन की मांग की है।
Author: theswordofindia
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