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एस.एन.डी.टी. विद्यापीठ में राज्यस्तरीय चर्चासत्र : “प्राचीन और आधुनिक मराठी साहित्य के बीच संबंध”

Higher Education Maharashtra

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मुंबई : में एस एन डी टी महिला विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर मराठी विभाग और जीईआई कला महाविद्यालय, कल्याण-डोंबिवली के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय राज्यस्तरीय चर्चासत्र का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में एस एन डी टी महिला विश्वविद्यालय के मानविकी संकाय के अधिष्ठाता डॉ. नीलेश ठाकरे, जीईआई महिला महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेंद्र करणक और एस.एन.डी.टी. के स्नातकोत्तर मराठी विभाग के प्रमुख डॉ. सुनील रामटेके उपस्थित थे।

इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. नीलेश ठाकरे ने कहा, “संशोधन मौलिक होना चाहिए। हमारे संशोधन से समाज के ज्ञान में वृद्धि होनी चाहिए। तभी वह संशोधन अपने मूल स्वरूप में स्थापित होता है।”

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प्राचार्य डॉ. राजेंद्र करणक ने मराठी साहित्य में संशोधन के महत्व को रेखांकित किया। डॉ. सुनील रामटेके ने बताया कि मराठी भाषा को अभिजात भाषा का दर्जा मिलने के कारण संशोधन के कई नए मार्ग खुले हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनुराधा पोतदार ने किया और आभार व्यक्त किया।

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Author: theswordofindia

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