कुशीनगर : विकास खण्ड विशुनपुरा अंतर्गत विशुनपुरा बुजुर्ग के नोनिया पट्टी स्थित एम.एम. एजुकेशनल कॉलेज में महान संत, समाज सुधारक एवं सतनामी संप्रदाय के संस्थापक गुरु घासीदास की जयंती के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व जिला न्यायाधीश (सेवानिवृत्त), बिहार सरकार एस.पी. पाण्डेय एवं ब्लॉक प्रमुख नेबुआ नौरंगिया शेषनाथ यादव द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
मुख्य अतिथि एस.पी. पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि गुरु घासीदास का जन्म 18 दिसंबर 1756 को छत्तीसगढ़ के गिरौदपुरी गाँव में हुआ था। वे एक महान संत, समाज सुधारक एवं मानवता के पुजारी थे।
उन्होंने समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव, छुआछूत और सामाजिक अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करते हुए सत्य, अहिंसा और समानता का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि गुरु घासीदास एक साधारण परिवार में जन्मे थे, उनके पिता का नाम महंगू दास एवं माता का नाम अमरौती था।
उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।एजुकेशनल वेलफेयर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष डॉ. आलमीन अली ने कहा कि गुरु घासीदास द्वारा स्थापित सतनामी संप्रदाय न केवल एक धार्मिक बल्कि एक सामाजिक आंदोलन भी था,
जिसने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने का कार्य किया। उन्होंने धार्मिक एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश दिया एम.एम. एजुकेशनल कॉलेज के प्रबंधक एवं एजुकेशनल वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष मोहम्मद ताहिर हाफिज ने कहा कि गुरु घासीदास की जयंती हमें उनके जीवन मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा देती है

और उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लेने का अवसर प्रदान करती है कार्यक्रम में डॉ. राधे गोविन्द राव, जिला पिछड़ा कल्याण अधिकारी रामशंकर यादव, प्रेमचंद्र सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान चंदप्रकाश यादव, विद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सामाजिक एकता और सद्भाव के संदेश के साथ हुआ।
Author: theswordofindia
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