लखनऊ : Low progesterone हार्मोन से गर्भधारण की संभावना हो सकती प्रभावित . महिलाओं में सफल गर्भधारण के लिए प्रोजेस्टेरोन हार्मोन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह हार्मोन ओव्यूलेशन के बाद गर्भाशय की अंदरूनी परत को इस तरह तैयार करता है
कि निषेचित अंडा आसानी से वहां स्थापित होकर अपना विकास शुरू कर सके। यदि शरीर में इसकी मात्रा सामान्य से कम हो, तो गर्भधारण में देरी या शुरुआती गर्भावस्था को बनाए रखने में कठिनाई आ सकती है।
फर्टिलिटी विशेषज्ञों के अनुसार, प्रोजेस्टेरोन की कमी के लक्षण हर महिला में स्पष्ट नहीं दिखाई देते। कई बार मासिक धर्म सामान्य होने के बावजूद गर्भधारण नहीं हो पाता या गर्भ शुरुआती सप्ताहों में ही समाप्त हो जाता है।
ऐसे मामलों में हार्मोन की जांच बेहद आवश्यक मानी जाती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि रक्त जांच और ओव्यूलेशन मॉनिटरिंग के माध्यम से प्रोजेस्टेरोन के स्तर का पता लगाया जा सकता है।

कमी की पुष्टि होने पर डॉक्टर आवश्यकतानुसार प्रोजेस्टेरोन सप्लीमेंट और अन्य हार्मोन संबंधी उपचार शुरू करते हैं। समय पर सही कारण की पहचान और उचित इलाज से अनेक महिलाएं सफलतापूर्वक गर्भधारण कर स्वस्थ मातृत्व का अनुभव कर सकती हैं। इसलिए गर्भधारण में लगातार देरी होने पर विशेषज्ञ से सलाह लेना महत्वपूर्ण माना जाता है।
Author: theswordofindia
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