रामसनेहीघाट बाराबंकी : Parali Jalane पर किसानों के खिलाफ सेटेलाइट निगरानी से मुकदमे दर्ज कराने वाला प्रशासन अब खुद अपने ही सिस्टम पर उठ रहे सवालों में घिर गया है।
रामसनेहीघाट क्षेत्र में नगर पंचायत की ओर से खुलेआम कूड़े के ढेर में आग लगाए जाने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार ठठरहा और जठबनी मोड़ के पास सड़क किनारे नगर पंचायत द्वारा डाले गए भारी मात्रा में कूड़े में आग लगा दी गई। आग से उठते जहरीले धुएं और बदबू ने आसपास के इलाके को अपनी चपेट में ले लिया।
राहगीरों को सांस लेने में परेशानी हुई, वहीं आसपास रहने वाले लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि यदि यही काम कोई किसान या आम नागरिक करता तो प्रशासन तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करता, लेकिन जब नगर पंचायत के कर्मचारी और जिम्मेदार अधिकारी ऐसा कर रहे हैं तो कार्रवाई के बजाय चुप्पी साध ली जाती है।
इससे प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी वही कार्रवाई होनी चाहिए जो पराली जलाने के मामलों में किसानों पर की जाती है।
लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले में एसडीएम रामसनेहीघाट अनुराग सिंह ने कहा कि कूड़े में आग लगाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आग को तत्काल बुझवाने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार और स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद नगर पंचायत क्षेत्रों में खुलेआम कूड़े के ढेर लगाकर उन्हें जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं।

इससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ने के साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। घटना के बाद क्षेत्र में प्रशासन और नगर पंचायत के खिलाफ लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
Author: theswordofindia
Latest News Uttar Pradesh और News Portal Lucknow पर पढ़ें ताज़ा खबरें। उत्तर प्रदेश समाचार पोर्टल और हिंदी न्यूज़ पोर्टल 'The Sword of India News' से जुड़ी राजनीति, व्यापार, अपराध और चुनाव की हर अपडेट सबसे पहले पाएँ।



