उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर स्थित एक पुरानी मस्जिद को प्रशासन ने शनिवार सुबह हटा दिया।
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन के अनुसार, सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने जुलाई में मस्जिद को सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण मानते हुए उसे हटाने का आदेश दिया था।
इसके खिलाफ मस्जिद प्रबंधन समिति की ओर से दाखिल अपील पर जिला जज की अदालत में सुनवाई हुई। चार सितंबर को अदालत ने अपील खारिज करते हुए पूर्व आदेश को बरकरार रखा।
इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक सिंह के मुताबिक, कार्रवाई में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती इंतजाम किए गए।
इस बीच कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी सामने आई। समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने आरोप लगाया कि उन्हें कैराना स्थित आवास पर पुलिस ने रोक दिया, ताकि वह सहारनपुर नहीं पहुंच सकें।
उन्होंने सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा वीडियो भी साझा किया। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मस्जिद की जमीन के स्वामित्व को लेकर अलग दावा किया है।
वहीं, मस्जिद को काफी पुराना बताया जा रहा है। पूरे मामले में प्रशासनिक कार्रवाई और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप दोनों चर्चा में हैं।
Author: theswordofindia
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