गोरखपुर : Nutritious तत्वों का सही उपयोग बढ़ाता है प्रजनन स्वास्थ्य की संभावना . फर्टिलिटी विशेषज्ञों ने आईवीएफ उपचार से पहले शरीर की अंदरूनी तैयारी को बेहद महत्वपूर्ण बताया है।
डॉक्टरों के अनुसार केवल सप्लीमेंट लेना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि यह समझना भी जरूरी है कि शरीर उन पोषक तत्वों का सही तरीके से उपयोग कर पा रहा है या नहीं। विशेषज्ञों का कहना है
कि कई दंपति फोलिक एसिड, आयरन, विटामिन डी और अन्य जरूरी सप्लीमेंट नियमित रूप से लेते हैं, लेकिन फिर भी शरीर में आवश्यक स्तर नहीं बन पाते।
इसके पीछे पाचन तंत्र की कमजोरी, थायरॉइड असंतुलन, लगातार तनाव और शरीर में सूजन जैसी समस्याएं जिम्मेदार हो सकती हैं।
आईवीएफ प्रक्रिया में अंडाणु की गुणवत्ता, गर्भाशय की तैयारी और भ्रूण के शुरुआती विकास के लिए शरीर का संतुलित होना जरूरी माना जाता है।

डॉक्टरों के मुताबिक आंतों का माइक्रोबायोम भी पोषक तत्वों के अवशोषण और हार्मोन संतुलन में अहम भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों ने सलाह दी कि आईवीएफ की तैयारी कर रहे दंपति समय पर जांच कराएं और केवल सप्लीमेंट पर निर्भर न रहें। सही पोषण, बेहतर पाचन, संतुलित जीवनशैली और मानसिक तनाव नियंत्रण उपचार की सफलता की संभावना बढ़ा सकते हैं।
Author: theswordofindia
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