सकरन सीतापुर : Urea नहीं मिला, तकनीकी पेंच में उलझे किसान परेशान दिनभर रहे . धान की रोपाई के महत्वपूर्ण दौर में सीतापुर के सकरन क्षेत्र के किसानों को यूरिया प्राप्त करने में तकनीकी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
किसान आईडी और आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली लागू होने के बाद साधन सहकारी समितियों पर खाद वितरण की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। कई स्थानों पर सर्वर बार-बार बंद हो रहा है,
जबकि बड़ी संख्या में किसानों के बायोमेट्रिक सत्यापन सफल नहीं हो पा रहे हैं। इसका सबसे अधिक असर बुजुर्ग किसानों पर देखने को मिल रहा है,
जिनके अंगूठे के निशान मशीन में मेल नहीं खा रहे। तकनीकी समस्या के कारण समिति कर्मी बिना ऑनलाइन सत्यापन के यूरिया देने से इनकार कर रहे हैं।
परिणामस्वरूप किसान घंटों इंतजार करने के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए यह समय बेहद अहम है
और खाद मिलने में देरी से उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। सरकारी समितियों से निराश किसान निजी खाद विक्रेताओं के पास पहुंच रहे हैं।

किसानों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूली जा रही है, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है
कि तकनीकी दिक्कतें दूर होने तक वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाए, सर्वर क्षमता बढ़ाई जाए और बायोमेट्रिक सत्यापन के अन्य विकल्प उपलब्ध कराए जाएं, ताकि समय पर यूरिया वितरण सुनिश्चित हो सके।
Author: theswordofindia
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